शायद नहीं: जब वैज्ञानिकों ने हॉस्टल में साथ रहने वाली लड़कियों पर नज़र रखी, तो उनके साइकल एक-दूसरे के हिसाब से नहीं ढले। फिर भी तारीख़ें मिलना आम बात है, और इसे सीधा-सादा हिसाब समझा देता है। अगर तुम्हारी और तुम्हारी सहेली की तारीख़ें कभी मिल जाती हैं, कभी दो हफ़्ते दूर हो जाती हैं, तो यह नॉर्मल है।
यह कहानी आई कहाँ से?
1971 में रिसर्चर मार्था मैक्क्लिंटॉक ने Nature जर्नल में एक हॉस्टल की 135 छात्राओं के बारे में लिखा। उनके आँकड़ों के मुताबिक़, 4–6 महीनों में सहेलियों के पीरियड की तारीख़ें लगभग 2 दिन क़रीब आ गईं। कहानी इतनी दिलचस्प थी कि लोग इसे आज तक सुनाते हैं।
जाँच हुई, तो क्या निकला?
बाद में हिसाब में ग़लतियाँ मिलीं: जो तारीख़ें अपने आप मिल जाती हैं, उन्हें ठीक से नहीं गिना गया था। जब मैक्क्लिंटॉक के आँकड़े दोबारा जोड़े गए, तो तारीख़ों का क़रीब आना महज़ इत्तफ़ाक़ के बराबर निकला।
नई जाँचों में भी सिंक होना नहीं मिला: न चीन की 186 छात्राओं में, जिन पर एक साल से ज़्यादा नज़र रखी गई, न पोलैंड के हॉस्टलों की रूममेट्स में। और Clue ऐप के डेटा में 360 जोड़े थे: सहेलियाँ, बहनें, माँ-बेटियाँ, पार्टनर, रूममेट्स, सहकर्मी। 273 जोड़ों की तारीख़ें आख़िर तक शुरुआत से भी ज़्यादा दूर हो गईं।
तारीख़ों का मिलना इत्तफ़ाक़ क्यों नहीं लगता?
जो महीना मिल गया, वह याद रह जाता है: “अरे, फिर साथ-साथ!”। जिन महीनों में तुम दोनों दो हफ़्ते अलग थीं, उनका जश्न कोई नहीं मनाता। ऐसे ही याददाश्त ख़ुद एक प्यारी कहानी के लिए सबूत जुटा लेती है।
और गंध और फ़ेरोमोन?
एक आइडिया यह था कि हम गंध से एक-दूसरे को भाँप लेते हैं। लेकिन इसका पक्का सबूत आज तक नहीं मिला कि सहेली की गंध तुम्हारा साइकल खिसकाती है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
और अगर हमारी तारीख़ें छह महीने से मिल रही हैं?
ऐसा तब होता है, जब तुम दोनों के साइकल की लंबाई लगभग एक जैसी हो। मसलन, एक दिन के फ़र्क़ पर तारीख़ें हर महीने एक दिन खिसकती हैं और लंबे समय तक पास-पास रहती हैं, जब तक फ़र्क़ जुड़कर बड़ा न हो जाए।
और चाँद? शायद हम दोनों उसके हिसाब से चल रही हैं?
चाँद सबके लिए एक है, और साइकल सबके अलग: अगर चाँद हुक्म चलाता, तो सबके पीरियड एक ही दिन शुरू होते। माली की डोगोन महिलाओं में, जो बिना बिजली के रहती थीं और खुले आसमान के नीचे सोती थीं, पीरियड का चाँद की कलाओं से कोई रिश्ता नहीं मिला।
लेकिन मैंने एक स्टडी पढ़ी थी जिसमें सिंक होना मिला था
ऐसी स्टडीज़ थीं, और उन पर सालों बहस चली। लेकिन जिन जाँचों में इत्तफ़ाक़ से मिलने वाली तारीख़ों को ठीक से गिना गया, उनमें हल्का-सा असर भी नहीं मिला।
संक्षेप में
- HeySis में पीरियड नोट करो और अपने कैलेंडर के हिसाब से उनका इंतज़ार करो
- सहेली से तारीख़ मिल गई? उसके साथ हॉट वॉटर बैग बाँट लो
- साइकल 21 दिन से छोटा या 35 दिन से लंबा हो, तो डॉक्टर को दिखाओ
स्रोत: Human Nature: Women do not synchronize their menstrual cycles
शैक्षिक सामग्री; यह पेशेवर चिकित्सा सलाह का विकल्प नहीं है।
