ओव्यूलेशन टेस्ट पेशाब में LH (ल्यूटिनाइज़िंग हॉर्मोन) की लहर पकड़ता है, और उसके एक से डेढ़ दिन बाद आमतौर पर ओव्यूलेशन होता है। सबसे फ़र्टाइल दिन: जिस दिन टेस्ट पॉज़िटिव आया, और अगला दिन। अगर सब निर्देशों के हिसाब से करो, तो टेस्ट लगभग 10 में से 9 बार लहर को भरोसेमंद ढंग से पकड़ते हैं।

किस दिन से शुरू करें?

उम्मीद वाले ओव्यूलेशन से 3–5 दिन पहले शुरू करो: 28 दिन के साइकल में यह लगभग 11वाँ दिन है। दूसरी लंबाई के साइकल के लिए निर्देशों में टेबल है, और अगर साइकल ऊपर-नीचे होता है, तो उसमें पिछले छह महीनों का सबसे छोटा साइकल लिया जाता है। फिर पॉज़िटिव आने तक रोज़ टेस्ट करो: एक दिन छोड़ा, तो लहर चूक सकती हो।

सुबह या दोपहर?

यहाँ अलग-अलग ब्रांड के निर्देश आपस में सहमत नहीं। कुछ नींद के बाद का पहला पेशाब माँगते हैं, कुछ दिन या शाम की सलाह देते हैं, क्योंकि हो सकता है सुबह तक लहर पेशाब में न पहुँची हो। जैसा तुम्हारे डिब्बे पर लिखा है वैसा करो, रोज़ एक ही समय पर, और टेस्ट से पहले ज़्यादा पानी मत पियो।

पट्टी कैसे पढ़ें?

हल्की दूसरी लाइन लगभग हमेशा दिखती है: शरीर में थोड़ा LH हमेशा रहता है। आम पट्टी पर पॉज़िटिव का मतलब है कि टेस्ट लाइन कंट्रोल लाइन जितनी गहरी या उससे गहरी है। नतीजा निर्देशों में दिए समय के अंदर देखो, बाद में नहीं, और अगर कंट्रोल लाइन नहीं है, तो टेस्ट ने काम नहीं किया।

पट्टियाँ या डिजिटल टेस्ट?

सादी पट्टियाँ डिजिटल टेस्ट जितनी ही अच्छी तरह लहर पकड़ती हैं। डिजिटल टेस्ट महँगा है, लेकिन ख़ुद जवाब लिख देता है, और लाइनें मिलानी नहीं पड़तीं। कुछ टेस्ट LH के अलावा एस्ट्रोजन के निशान भी पकड़ते हैं, जो ओव्यूलेशन के क़रीब पेशाब में जमा होते हैं।

पॉज़िटिव आ गया। अब क्या?

प्रेग्नेंसी के लिए सबसे अच्छा समय: पॉज़िटिव वाला दिन और उसके बाद का दिन। पॉज़िटिव से कुछ दिन पहले का सेक्स भी गिना जाता है, क्योंकि स्पर्म आमतौर पर 5 दिन तक, कभी-कभी 7 दिन तक ज़िंदा रहते हैं। और अगर टेस्ट थका रहे हैं, तो उन्हें छोड़ा जा सकता है: पूरे साइकल में हर 2–3 दिन में सेक्स वैसे भी अच्छे चांस देता है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

एक साइकल में कितने टेस्ट लगते हैं?

किट में आमतौर पर 5–7 होते हैं। इस साइकल में पहले पॉज़िटिव के बाद रुक सकती हो, और अनियमित साइकल में आमतौर पर ज़्यादा टेस्ट लगते हैं।

दूसरी लाइन हमेशा हल्की आती है। क्या मेरे साथ कुछ गड़बड़ है?

शायद नहीं: अगर एक दिन छूट गया या देर से शुरू किया, तो लहर आसानी से चूक जाती है। अगर साइकल-दर-साइकल पॉज़िटिव नहीं आता, तो नोट्स डॉक्टर को दिखाओ।

पॉज़िटिव आया था, तो क्या ओव्यूलेशन पक्का हुआ?

नहीं, टेस्ट सिर्फ़ LH की लहर देखता है, और अंडा निकला या नहीं, यह उसे नहीं पता। इसे पीरियड से लगभग एक हफ़्ता पहले प्रोजेस्टेरोन का ब्लड टेस्ट जाँच सकता है, अगर डॉक्टर लिखें।

क्या टेस्ट से प्रेग्नेंसी से बचा जा सकता है?

नहीं। पॉज़िटिव ओव्यूलेशन से सिर्फ़ एक से डेढ़ दिन पहले आता है, और उससे कुछ दिन पहले हुए सेक्स के स्पर्म तब भी ज़िंदा होते हैं।

संक्षेप में

  • उम्मीद वाले ओव्यूलेशन से 3–5 दिन पहले शुरू करो
  • पहले पॉज़िटिव तक रोज़ एक ही समय पर टेस्ट करो
  • हर 2–3 दिन में सेक्स टेस्ट के बिना भी चांस देता है

स्रोत: FDA: Ovulation (urine test)

शैक्षिक सामग्री; यह पेशेवर चिकित्सा सलाह का विकल्प नहीं है।

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