बेसल बॉडी टेम्परेचर ओव्यूलेशन को बीत जाने के बाद दिखाता है: उसके बाद सुबह का तापमान 0.3–0.5 °C बढ़ जाता है और पीरियड तक ऊपर ही रहता है। इसे रोज़ नापना ज़रूरी नहीं: यह किसी ख़ास काम का औज़ार है, और प्रेग्नेंसी की कोशिश में भी अकेला ग्राफ़ ज़्यादा कुछ नहीं देता। और अगर पीरियड नियमित आते हैं, तो ओव्यूलेशन शायद हो ही रहा है, ग्राफ़ हो या न हो।
ग्राफ़ असल में क्या दिखाता है?
बेसल तापमान यानी पूरे आराम में, नींद से उठते ही शरीर का तापमान। ओव्यूलेशन के बाद प्रोजेस्टेरोन बढ़ता है, और उसके साथ तापमान भी थोड़ा ऊपर जाता है। अगर प्रेग्नेंसी नहीं हुई, तो पीरियड से पहले यह फिर गिर जाता है।
पेच यह है कि सबसे फ़र्टाइल दिन इस बढ़त से 2–3 दिन पहले होते हैं। जब तक ग्राफ़ बढ़त दिखाता है, वह विंडो निकल चुकी होती है।
कैसे नापें कि ग्राफ़ झूठ न बोले?
हर सुबह लगभग एक ही समय पर नापो, आँख खुलते ही: उठने, कुछ खाने या पीने से पहले। ऐसा थर्मामीटर चाहिए जो डिग्री का दसवाँ हिस्सा दिखाए, और सौवाँ दिखाए तो और अच्छा। रात को ही उसे बिस्तर के पास रख लो और पूरे साइकल एक ही जगह नापो: मुँह में शुरू किया, तो मुँह में ही।
सर्दी-बुख़ार, शराब, अधूरी नींद, तनाव, टाइम ज़ोन पार करने वाली फ़्लाइट, कुछ दवाइयाँ और ब्रेस्टफ़ीडिंग ग्राफ़ बिगाड़ सकते हैं। ऐसे दिनों को आँकड़े के पास नोट कर लो, ताकि कोई इत्तफ़ाक़ी उछाल असली बढ़त न लगे।
ग्राफ़ पर सीढ़ी जैसा पायदान ढूँढो, अकेला ऊँचा बिंदु अपने आप में ज़्यादा कुछ नहीं कहता। अगर तापमान पहले से ऊपर कम से कम तीन दिन लगातार टिका रहे, तो ओव्यूलेशन शायद हो चुका है। तुम्हारा अपना पैटर्न कुछ साइकल में साफ़ होता है, इसलिए पहले हफ़्ते को देखकर नतीजे मत निकालो।
स्मार्टवॉच से काम चलेगा?
Apple Watch नींद में कलाई का तापमान नापती है और यह बदलाव भी बाद में ही पकड़ती है। अगर हर रात पहनकर सोओ, तो लगभग दो साइकल के बाद घड़ी बीते ओव्यूलेशन का अंदाज़ा देने लगती है। Apple ख़ुद साफ़ लिखता है कि यह फ़ीचर गर्भनिरोध के लिए नहीं है।
क्या तापमान देखकर प्रेग्नेंसी से बचा जा सकता है?
अकेला ग्राफ़ इसके लिए ठीक नहीं: यह ओव्यूलेशन हो जाने के बाद दिखाता है, और स्पर्म शरीर में आमतौर पर 5 दिन तक, कभी-कभी 7 दिन तक ज़िंदा रहते हैं। तापमान को फ़र्टिलिटी अवेयरनेस तरीक़ों में डिस्चार्ज और साइकल की तारीख़ों के साथ इस्तेमाल किया जाता है, और ये तरीक़े किसी एक्सपर्ट से सीखे जाते हैं। नियमों का ठीक-ठीक पालन हो, तो ये 91–99% तक बचाते हैं, और अगर कभी-कभार भी चूक हो जाए, तो साल भर में 100 में से 24 महिलाएँ प्रेग्नेंट हो जाती हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
तापमान नहीं बढ़ा। मतलब ओव्यूलेशन नहीं हुआ?
ज़रूरी नहीं: बढ़त छोटी भी हो सकती है और उतार-चढ़ाव में खो जाती है। इसीलिए डॉक्टर तापमान के ग्राफ़ से ओव्यूलेशन की पुष्टि नहीं करते, इसके लिए पीरियड से लगभग एक हफ़्ता पहले प्रोजेस्टेरोन का ब्लड टेस्ट होता है।
तापमान ऊपर ही टिका है और पीरियड नहीं आया। क्या यह प्रेग्नेंसी है?
हो सकता है: प्रेग्नेंसी में प्रोजेस्टेरोन ऊँचा रहता है, और तापमान नहीं गिरता। टेस्ट करके देखो, ज़्यादातर टेस्ट पीरियड मिस होने के पहले दिन से काम करते हैं।
हम बच्चा प्लान कर रहे हैं। तापमान नापूँ?
जिज्ञासा है तो नापो, लेकिन इससे चांस नहीं बढ़ेंगे। डॉक्टर पूरे साइकल में हर 2–3 दिन में सेक्स की सलाह देते हैं, और इसके लिए ग्राफ़ की ज़रूरत नहीं।
सही तापमान कितना होता है?
कोई एक नंबर नहीं है, हर किसी का अपना लेवल होता है। मायने रखता है तुम्हारे ओव्यूलेशन से पहले और बाद के दिनों का फ़र्क़।
संक्षेप में
- रात को ही थर्मामीटर बिस्तर के पास रख लो
- उठने से पहले नापो, और एक ही समय पर
- सर्दी, शराब और अधूरी नींद को आँकड़े के पास नोट करो
स्रोत: ACOG: Fertility awareness-based methods of family planning
शैक्षिक सामग्री; यह पेशेवर चिकित्सा सलाह का विकल्प नहीं है।
