भारी पीरियड बहुत आम हैं: लगभग एक-तिहाई महिलाएँ इनके इलाज के लिए डॉक्टर के पास जाती हैं। अपना “बहुत ज़्यादा” पहचानना मुश्किल है, क्योंकि दूसरों के पीरियड हम देखते ही नहीं। इनका इलाज होता है, भले तुम्हारे साथ हमेशा से ऐसा रहा हो।

पीरियड में कितना ख़ून जाता है?

पूरे पीरियड में आमतौर पर 20–90 मिली ख़ून जाता है, यानी लगभग 1–5 बड़े चम्मच, भले लगे कि बाल्टी भर गई। सबसे ज़्यादा ख़ून पहले 2 दिनों में आता है। मिलीलीटर गिनने की ज़रूरत नहीं: डॉक्टर यह देखते हैं कि पीरियड तुम्हारी ज़िंदगी पर कैसा असर डालते हैं।

कैसे समझें कि अब यह बहुत ज़्यादा है?

डॉक्टर पीरियड को भारी कहते हैं, अगर पैड या टैम्पोन हर 1–2 घंटे में बदलना पड़े या कप को निर्देशों से ज़्यादा बार ख़ाली करना पड़े। और संकेत: एक साथ दो साधन, 7 दिन से लंबे पीरियड, 2.5 सेमी से बड़े थक्के, कपड़ों और बिस्तर पर लीक। यह भी गिना जाता है कि तुम रात में पैड बदलने उठती हो, पीरियड की वजह से काम रद्द करती हो या हर वक़्त थकी रहती हो।

भारी पीरियड होते क्यों हैं?

पीरियड शुरू होने के बाद के पहले सालों में, डिलीवरी के बाद और मेनोपॉज़ के क़रीब पीरियड ज़्यादा भारी हो सकते हैं। जिन वजहों का इलाज होता है, उनमें: फ़ाइब्रॉइड, पॉलिप, एडेनोमायोसिस, एंडोमेट्रियोसिस, ओव्यूलेशन की गड़बड़ी, ख़ून जमने की बीमारियाँ, कुछ दवाएँ और कॉपर IUD, ख़ासकर पहले साल में। कभी-कभी वजह नहीं मिलती, लेकिन भारी पीरियड का इलाज तब भी होता है।

भारी पीरियड से इतनी थकान क्यों होती है?

ख़ून के साथ आयरन भी जाता है, और उसके बिना शरीर ऑक्सीजन पहुँचाने वाली लाल रक्त कोशिकाएँ कम बनाता है। इसीलिए भारी पीरियड आयरन की कमी से होने वाले एनीमिया की सबसे आम वजहों में से हैं।

इसके संकेत: थकान, साँस फूलना, धड़कन महसूस होना, पीलापन, सिरदर्द। कुछ अनोखे भी होते हैं: कानों में घंटी बजना, बाल झड़ना, बर्फ़ या कागज़ चबाने का मन। एनीमिया आम ब्लड टेस्ट से जाँचा जाता है।

अपॉइंटमेंट के इंतज़ार में क्या मदद करता है?

सबसे ज़्यादा सोखने वाले पैड लो, और सोने के लिए नाइट पैड या पैड के नीचे पीरियड पैंटी। बैग में एक्स्ट्रा पैड और अंडरवियर रखो, और पहली रातों में चादर पर गहरे रंग का तौलिया बिछा लो।

खाने में आयरन जोड़ो: मीट, राजमा, दालें, गहरी हरी पत्तेदार सब्ज़ियाँ, सूखे मेवे, और आयरन मिले अनाज और ब्रेड। बहुत ज़्यादा चाय, कॉफ़ी और दूध वाली चीज़ें आयरन सोखने में रुकावट डालती हैं, तो इनमें ज़्यादती मत करो।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

और अगर मेरे साथ हमेशा से ऐसा है?

पुरानी, जानी-पहचानी तस्वीर पर भी बात करनी चाहिए, अगर पीरियड ज़िंदगी में रुकावट बनते हैं या तुम हर वक़्त थकी रहती हो। हालत बिगड़ने का इंतज़ार करने की ज़रूरत नहीं: इलाज अभी भी मदद करता है।

क्या बस आयरन लेना शुरू कर दूँ?

बेहतर है पहले ब्लड टेस्ट करा लो: अगर आयरन सच में कम है, तो डॉक्टर गोलियाँ चुनेंगे और वजह ढूँढेंगे। कोर्स आमतौर पर लगभग 6 महीने चलता है, और बिना सलाह की बड़ी डोज़ से जी मिचलाना और कब्ज़ होती है। आयरन की गोलियाँ बच्चों से दूर रखो, उनके लिए ओवरडोज़ ख़तरनाक है।

डॉक्टर आमतौर पर क्या देते हैं?

हॉर्मोनल IUD या कंबाइंड गोलियाँ, ट्रानेक्सामिक एसिड, जो पीरियड के दिनों में ली जाती है, या प्रिस्क्रिप्शन वाली सूजन-रोधी दवाएँ। अगर इनसे फ़ायदा न हो, तो जाँच के लिए या स्पेशलिस्ट के पास भेजेंगे।

संक्षेप में

  • कैलेंडर में भारी दिन और कितने पैड-टैम्पोन लगे, यह नोट करो
  • हर 1–2 घंटे में पैड बदलती हो? डॉक्टर को बताओ
  • हर वक़्त थकी रहती हो? एनीमिया का ब्लड टेस्ट माँगो

स्रोत: NHS: Heavy periods

शैक्षिक सामग्री; यह पेशेवर चिकित्सा सलाह का विकल्प नहीं है।

हम साइकल पर लेख कैसे लिखते हैं