अगर एक हफ़्ते दौड़ उड़ती है और दूसरे हफ़्ते ऐसी लगती है मानो पीठ पर पत्थरों का बैग है, तो यह तुम्हारा वहम नहीं। एक्सरसाइज़ करने वाली 6,812 महिलाओं के सर्वे में 86% ने साइकल के कुछ दिनों में थकान बताई। फ़िटनेस कहीं नहीं जाती, बस महसूस करना बदलता है।
क्या वर्कआउट फ़ेज़ के हिसाब से प्लान करने चाहिए?
“साइकल के पहले हिस्से में रिकॉर्ड, दूसरे में योग” वाली स्कीम सुनने में तर्कसंगत लगती है, लेकिन रिसर्च इसकी पुष्टि नहीं करती। 2020 की एक बड़ी समीक्षा में पाया गया कि पीरियड के पहले दिनों में नतीजे औसतन थोड़े कम होते हैं, लेकिन फ़र्क़ बहुत छोटा है, और अलग-अलग स्टडीज़ के आँकड़े काफ़ी अलग हैं। इसलिए लेखकों ने कोई आम नियम नहीं दिए और हर इंसान को अलग से देखने की सलाह दी।
स्ट्रेंथ ट्रेनिंग पर 2023 में सारी समीक्षाओं को एक साथ देखा गया और नतीजा वही निकला: अभी इसका सबूत नहीं कि फ़ेज़ ताक़त या मसल्स बढ़ने को काफ़ी बदलता है।
तो फिर अलग-अलग दिनों में इतना फ़र्क़ क्यों लगता है?
ज़्यादातर वजह लक्षण होते हैं: उन्हीं 6,812 महिलाओं में 91% ने मूड के उतार-चढ़ाव या घबराहट, 84% ने ऐंठन, 83% ने ब्रेस्ट में दर्द नोटिस किया। जितने ज़्यादा लक्षण थे, उतनी ज़्यादा बार वर्कआउट छूटा या बदला गया। इसमें वह भी जोड़ो जिसका साइकल से कोई लेना-देना नहीं: अधूरी नींद, तनाव, कम खाना, जमा हुई थकान।
तो प्लान कैसे करें?
अपना आम प्लान रखो, और फ़ैसला सुबह अपने हाल के हिसाब से करो। अगर ताक़त भरपूर है, तो प्लान के मुताबिक़ करो, और अगर भारी लग रहा है, तो रफ़्तार, दूरी या वज़न कम कर दो।
दो-एक साइकल तक डायरी में नोट करो कि वर्कआउट कैसा रहा और नींद कैसी थी। अगर कोई पैटर्न है, तो तुम्हें दिख जाएगा और हल्के दिन पहले से रख सकोगी।
पीरियड में दौड़ और योग कैसे करें?
जैसे आम दिनों में, अगर आराम लगे, और ऐंठन में हल्की दौड़, चलना और योग बहुतों की मदद भी करते हैं। दौड़ते समय लीक से टैम्पोन या कप बचाते हैं, और भरोसे के लिए इन्हें पीरियड पैंटी के साथ मिला सकती हो। गहरे रंग के शॉर्ट्स और बैग में एक्स्ट्रा अंडरवियर सुकून बढ़ाएँगे।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
पीरियड में बिल्कुल ताक़त क्यों नहीं रहती?
दौड़ने वाली महिलाओं में एक आम वजह: भारी पीरियड और आयरन की कमी। लंदन मैराथन की प्रतिभागियों में 36% के पीरियड भारी थे, और उनमें से लगभग आधी की ट्रेनिंग में साइकल रुकावट बनता था।
क्या पीरियड में उल्टे आसन कर सकते हैं?
कर सकती हो, अगर आराम लगे। यह मनाही योग के कुछ स्कूलों से आई है, और ऐसी कोई रिसर्च नहीं जो नुक़सान दिखाए। अगर मन न हो, तो लेटकर किए जाने वाले आसन चुनो।
अगर साइकल अनियमित है, तो क्या करें?
अपने हाल और डायरी पर भरोसा करो: नोट करो कि वर्कआउट कैसा रहा और नींद कैसी थी। दो-एक महीने में दिख जाएगा कि क्या कुछ दिन तुम्हारे लिए आसान होते हैं, भले तारीख़ों का अंदाज़ा न हो।
और अगर मैं कंबाइंड गोलियाँ लेती हूँ?
ऐसी गोलियाँ ओव्यूलेशन रोक देती हैं, तो आम मतलब में तुम्हारे फ़ेज़ नहीं होते। पैमाना वही है: अपना हाल और डायरी।
संक्षेप में
- सुबह अपने हाल के हिसाब से तय करो कि आज वर्कआउट कैसा हो
- दो-एक साइकल तक डायरी में नोट करो कि वर्कआउट कैसा रहा
- पीरियड में दौड़ने के लिए टैम्पोन या कप और साथ में पीरियड पैंटी लो
स्रोत: Sports Medicine: Menstrual cycle and exercise performance
शैक्षिक सामग्री; यह पेशेवर चिकित्सा सलाह का विकल्प नहीं है।
